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नई पीढ़ी के सिंगर्स पर बोले, वे टैलेंटेड हैं लेकिन उनकी भाषा बहुत बिगड़ी हुई है

सूफी सिंगर कैलाश खेर ने म्यूजिक इंडस्ट्री में 15 साल पूरे कर लिए हैं। हाल ही में उन्होंने एक धार्मिक गाने 'सतगुरु मेहर कर' को अपनी आवाज दी है। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान कैलाश ने अपने इस नए गाने के अलावा इंडस्ट्री में अपने सफर के बारे में बताया। बातचीत के दौरान उन्होंने आज की पीढ़ी के सिंगर्स के लिए एक अहम राय भी दी। आइए जानते है कैलाश खेर ने क्या कहा...

नई पीढ़ी के सिंगर्स की भाषा बहुत बिगड़ी हुई है
कैलाश खेर ने नई पीढ़ी के सिंगर्स के बारे में कहा कि आज की पीढ़ी बहुत टैलेंटेड है। आज कल लोग अपने सोशल मीडिया के जरिए अपने टैलेंट को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। हालांकि मेरा मानना है की इन लोगों पर एक जिम्मेदारी भी है। वो ये है कि सही बात को लोगों के सामने लाना। हमारे देश के टैलेंट की पूरी दुनिया में प्रशंसा होती है, तो हमें जिम्मेदार और समझदार होना होगा। अब जो संगीतकार आ रहे हैं वे टैलेंटेड हैं, लेकिन उनकी भाषा बहुत बिगड़ी हुई है। संगीत में सही भाषा बहुत मायने रखती है, जो आज के संगीतकार नहीं समझ पाते। ऐसे कई शब्द होते हैं जो वे पूरी तरह से गलत बोलते हैं। ये लोग म्युजिक पर पूरा फोकस करते हैं और भाषा को इग्नोर कर देते हैं, जो गलत है।

अब सोशल मीडिया के लाइक-कमेंट्स आपका काम जज करते हैं
कैलाश खेर ने आगे बताया, जब भी मैं कोई भी आध्यात्मिक गाना गाता हूं तो मेरा अनुभव बहुत ही दिव्य होता है। एक अलग सा सुकून मिलता है। बस यही वजह है की जब भी मुझे कोई स्पिरिचुअल गाना गाने का ऑफर आता है, तो मैं उसे कभी नहीं ठुकराता। 'सतगुरु मेहर कर' का रिस्पांस काफी पॉजिटिव मिला है। 10 साल पहले यदि मेरा कोई गाना लोगों को अच्छा लगता, तो उनके कमेंट्स नहीं पढ़ने मिलते थे। लेकिन अब सोशल मीडिया के जरिए हम समझ सकते हैं की लोग हमारे काम को लेकर क्या सोचते हैं। पहले के जमाने में एल्बम की बिक्री पर तय होता था कि गाना हिट है या फ्लॉप, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब सोशल मीडिया पर कमेंट्स और लाइक आपके काम को जज करते हैं।

खुद को खत्म करने का भी ख्याल आता था
कैलाश खेर ने कहा कि इन 15 साल में मुझे इस इंडस्ट्री से बहुत कुछ सीखने को मिला है। शुरुआत में मुझे कई तकलीफों का सामना करना पड़ा था। कई बार हार भी मान ली थी। यकीन मानिए मैंने इतने रिजेक्शन झेले हैं की मुझे आदत सी हो गई थी। खुद को खत्म करने का भी ख्याल आता था। बस अच्छी बात यही रही की उस ख्याल को मैंने कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। मैंने कभी हार नहीं मानी। मुझे खुद पर पूरा विश्वास था। वक्त बीतता गया और लोगों ने भी मुझ पर विश्वास करना शुरू कर दिया। आज कुछ नामचीन विदेशी कलाकार मेरे गाने गा रहे हैं, ये अपने आप में मैं बहुत बड़ा परिवर्तन मानता हूं।

लाइव ऑडियंस को बहुत मिस कर रहा हूं
सूफी सिंगर ने कहा कि लॉकडाउन में कई वर्चुअल परफॉरमेंस किए। लेकिन जो लाइव ऑडियंस का मजा है, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। लाइव ऑडियंस को बहुत मिस कर रहा हूं। उम्मीद करता हूं जल्द ही स्थिति सुधरे और मैं एक बार फिर से स्टेज पर ऑडियंस के सामने परफॉर्म करूं।



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kailash kher completed his 15 years in music industry, said- new generation of singers are talented but their language has deteriorated


from bhaskar

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