सीबीआई सुशांत की मौत के केस में जोड़ सकती है आईपीसी की धारा 302, पिठानी और नीरज बन सकते हैं सरकारी गवाह

सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई अब इस केस में आईपीसी (मर्डर) की धारा 302 को जोड़ने पर विचार कर रही है। एम्स की टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सबमिट कर दी है जिसके बाद सीबीआई केस के दूसरे चरण की जांच शुरू करने वाली है। इसके अलावा सुशांत के मैनेजर रहे सिद्धार्थ पिठानी के भी सरकारी गवाह बनने की संभावना है।

एम्स की रिपोर्ट में सामने आए तीन बड़े सवाल

कूपर हॉस्पिटल में जल्दबाजी में किए सुशांत के पोस्टमॉर्टम पर एम्स की टीम ने 3 बड़े सवाल उठाए हैं। डॉ. सुधीर गुप्ता के अनुसार-

  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुशांत की मौत का समय नहीं लिखा गया है।
  • सुशांत का पोस्टमॉर्टम शाम के समय और धीमी रोशनी में किया गया।
  • उनके विसरा रिपोर्ट में ड्रग्स की जांच से जुड़ा कोई तथ्य नहीं है।

इसके अलावा पहले यह खबर भी सामने आई थी कि विसरा को सही ढंग से सुरक्षित नहीं किया था, जिसके कारण एम्स की टीम को जांच में परेशानी आई।

सिद्धार्थ और नीरज बन सकते हैं गवाह

रिपब्लिक की रिपोर्ट के अनुसार सिद्धार्थ पिठानी सीबीआई के अधिकारियों की निगरानी में है। सुशांत की मौत से एक दिन पहले उनके घर आने वाले लोगों जानकारी देने वाल पिठानी एकमात्र गवाह है। अधिकारियों का कहना है कि वह गवाह बन सकता है। उससे कई बार पूछताछ और बयान रिकॉर्ड किया जा चुका है। अगली पूछताछ के लिए वह दिल्ली जा सकता है। सिद्धार्थ के अलावा कुक नीरज भी गवाह बन सकता है।



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Sushant Singh Rajput Death Case; CBI may add IPC Section 302 in the case of Sushant's death, Pithani and Neeraj may turn as witnesses


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