उर्मिला बोलीं- सभ्य घर की कौन सी लड़की ऐसी भाषा बोलती है, आगे कहा- उन्हें बॉलीवुड के बड़े ड्रग माफियाओं के नामों का खुलासा कर देना चाहिए

एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर का कहना है कि पूरी इंडस्ट्री को ड्रग में लिप्त बताने से बेहतर है कि कंगना रनोट उन बड़े नामों का खुलासा करे जो कि बॉलीवुड के ड्रग माफिया का हिस्सा हैं। उर्मिला ने सवाल पूछते हुए कहा कि 'नाम कहा हैं? मैं चाहती हूं कि कंगना सचमुच आगे आएं और उन नामों को बताकर और उन लोगों का पर्दाफाश करके हम सभी पर बड़ा सा उपकार कर दें। मैं सबसे पहले इसके लिए उन्हें थम्स अप कहूंगी।'

इंडिया टुडे चैनल से बातचीत में उर्मिला ने कहा कि 'आप पिछले 10 सालों से ज्यादा वक्त से जिस इंडस्ट्री में काम कर रही हैं, अब अचानक आपको वहां हर किसी से समस्या क्यों होने लगी? आपको ये तय करना होगा कि क्या आप लगातार विक्टिम कार्ड खेलते हुए बिना रूके कहना चाहती हैं, मैं तो विक्टिम हूं, विक्टिम हूं।'

ड्रग्स लेने वाले लोग जरूर होंगे

बॉलीवुड में 99 प्रतिशत लोगों के ड्रग्स लेने वाले कंगना के बयान को लेकर उर्मिला ने कहा, 'दुर्भाग्य से भारत में ड्रग हर जगह आसानी से उपलब्ध है। लेकिन ये दावा करना कि पूरी इंडस्ट्री ड्रग माफिया से जुड़ी हुई है, ये ना केवल बढ़ा-चढ़ाकर दिया गया बयान है, बल्कि मुझे नहीं पता कि इसे क्या कहा जाना चाहिए।'

आगे उन्होंने कहा मैं इस बात से इनकार नहीं करती कि फिल्म इंडस्ट्री में भी कुछ लोग ऐसे होंगे जो ड्रग्स का सेवन करते होंगे। ऐसे लोगों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए।'

पीएम ऐसे लोगों को कभी नहीं बुलाते

उर्मिला ने महात्मा गांधी का संदेश फैलाने के लिए पिछले साल फिल्मी सितारों को मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण की याद दिलाते हुए कहा, 'क्या आपको लगता है कि माननीय प्रधानमंत्री ऐसे उद्योग से समर्थन मांगेंगे, जिसमें बड़े पैमाने पर ड्रग एडिक्ट शामिल हों।'

सभ्य घर की कौन सी लड़की ऐसी भाषा बोलती है

वहीं एक अन्य चैनल से बात करते हुए उर्मिला ने कंगना की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि, 'एक सभ्य संस्कृति वाले घर की कौन सी लड़की इस तरह की भाषा का प्रयोग करती है कि 'क्या उखाड़ लोगे', 'किसके बाप का क्या है'। ये सभी शब्द जया बच्चन जी जैसे वरिष्ठ सहकर्मी को लेकर भी कहे गए। क्या ये सब कुछ अच्छी नीयत से थे। क्या ये सब किसी भी तरह से भारतीय संस्कृति में आते हैं। भारतीय संस्कृति का कौन सा पन्ना ये सब सिखाता है?'

कोई नहीं चाहेगा कि उनके बच्चे कंगना जैसी भाषा बोलें

उर्मिला ने ये भी कहा कि कंगना उन सभी लोगों का अपमान कर रही हैं, जिन्होंने उन पर प्यार और स्नेह बरसाया और एक मुंबईकर होने के नाते मुझे लगता है कि ये सब सही नहीं है। आगे उन्होंने कहा, कंगना देश के सामने एक बहुत ही गलत उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उर्मिला के मुताबिक लोग नहीं चाहेंगे कि उनके बच्चे कंगना से प्रेरणा लें जो इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करती है।

आपको सब कुछ यहीं से मिला है

मुंबई की तुलना पीओके से करने वाले कंगना के बयान पर उर्मिला ने कहा, 'आज आपके पास जो कुछ भी है नाम, पैसा, शोहरत वो सब मुंबई और फिल्म इंडस्ट्री की बदौलत है। ऐसा क्यों है कि इतने सालों में आपने कभी इन चीजों के बारे में बात नहीं की और सिर्फ बीते कुछ महीनों से बोल रही हैं।'



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Urmila Matondkar says - Which girl from a civilized culture house would use this kind of language to say ‘Kya ukhaad loge’ and 'kiske baap ka kya hai'.


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