दिव्या दत्ता ने बताई बॉलीवुड में संघर्ष की कहानी, बोलीं-मुझे एन मौके पर कई फिल्मों से बाहर निकाला गया

बॉलीवुड में नेपोटिज्म, आउटसाइडर-इनसाइडर, कैंपबाजी की बहस के बीच कई ऐसे सेलेब्स भी सामने आ रहे हैं जो अपनी करियर स्ट्रगल पर खुलकर बात कर रहे हैं। दिव्या दत्ता भी इन्हीं में से एक हैं। एक इंटरव्यू में दिव्या ने खुलासा किया है कि उन्हें कई फिल्मों से निकाला गया जिससे वह बेहद निराश हो गई थीं।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में दिव्या ने कहा, मुझे बेहद बुरा लगता था जब रिजेक्शन झेलना पड़ता था और मुझे फोन करके कह दिया जाता था कि आपकी जगह किसी और को ले लिया गया है। मुझे कई फिल्मों से अंतिम समय में ड्रॉप कर दिया गया, बुरा तो लगता था, तब मैं असहाय महसूस करती थी क्योंकि मैं जानती थी कि मैं उन रोल में कितना अच्छा काम करके दिखा सकती थी।

मां ने की मदद

दिव्या ने आगे बताया कि रिजेक्शन ने उन्हें परेशानी में डाल दिया था लेकिन इससे बाहर निकलने में उनकी मां ने मदद की। दिव्या ने कहा, मेरी मां पूछा करती थीं तुम इतनी अपसेट क्यों हो? तब मैं कहती थी, मां, मुझे फिल्म से बाहर निकाल दिया गया, क्यों? पता नहीं। मेरी मां ने कहा, तो क्या इससे तुम्हारी लाइफ रुक जाएगी? जिंदगी कभी नहीं रूकती और कल एक और दिन आएगा।

दिव्या ने आगे कहा, यह बेहद अजीब था कि जिन लोगों ने मुझे पहले फिल्मों से हटाया, उन्होंने कुछ सालों बाद मुझे बेहतर रोल ऑफर किए और फिर मेरे साथ काम किया। फिर मुझे समझ आया कि यह आपकी जिंदगी है तो आपको ही रास्ते तलाशने पड़ेंगे। इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है। तो मैंने सभी रिजेक्शन पीछे छोड़ते हुए, इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि मुझे अपना बेस्ट कैसे देना है।

1994 में किया था डेब्यू

दिव्या ने 1994 में इश्क में जीना इश्क में मरना से डेब्यू किया था। इसके बाद वह वीर-जारा, आजा नचले, दिल्ली-6, हीरोइन और भाग मिल्खा भाग जैसी फिल्मों में नजर आईं। 2018 में उन्होंने फिल्म इरादा के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता। उनकी अगली फिल्म शीर कोरमा है जिसमें स्वरा भास्कर और शबाना आजमी उनकी को-स्टार हैं। इसके डायरेक्टर फराज आरिफ अंसारी हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Divya Dutta says she was dropped from many films at the last minute


from bhaskar

Comments

Popular posts from this blog

How to Dance Across Medium with Fantastic Writers

Chicken vs. cow

Money Stuff: It’s Not All Bad for Banks